डा. राजेन्द्रप्रसाद विमलक अन्तिम संस्कारमे राजकीय शोक सलामी देल जाएत


जनकपुरधाम । वरिष्ठ साहित्यकार, बहुभाषाविद्, संस्कृतिविद् आ मैथिली विकास कोषक संस्थापक अध्यक्ष डा. राजेन्द्रप्रसाद विमलक अन्तिम संस्कार मंगलदिन अपराह्न जनकपुरधामक स्वर्गद्वारीमे राजकीय शोक सलामी देल जाएत । ।

डा. विमलक शवयात्रा मंगलदिन दुपहर ३ बजे जनकपुरधाम–१० देवीचौकस्थित हुनक पुस्तैनी घरसँ निकलत । जनकपुरधाम उपमहानगरपालिकाक मेयर मनोजकुमार साहक अनुसार शवयात्राके जनकचौकमे उपमहानगरपालिकाक तरफसँ श्रद्धाञ्जली देल जाएत ।

डा. विमलक सम्मानमे राजकीय शोक सलामी देबाक निर्णय केने संघीय सरकारके मेयर साह धन्यवाद देने अइछ । सरकारसँ सहजीकरण केने धनुषा–३ क सांसद मनिष झाकेँ सेहो मेयर साह धन्यवाद देने अइछ । मधेश प्रदेश सरकारसँ सेहो शोक सलामीक लेल आग्रह कएल गेल छल, मुदा एहि विषयमे अहिधर आधिकारिक जानकारी नहि भेटल अइछ ।

नेपाली, मैथिली, हिन्दी आ अङ्ग्रेजी साहित्यक चर्चित व्यक्तित्व डा. राजेन्द्रप्रसाद विमलक मंगलदिन भोरमे निधन भेल अइछ । जनकपुरधामस्थित प्रादेशिक अस्पतालमे उपचारक क्रममे हुनक निधन भेल अइछ ।

सन् १९४७ मार्च २६ मे जनकपुरधामक देवीचौकमे जन्मल डा. विमल विद्यावारिधि धरि पढ़ाइ केने छलैन । १२ वर्षक उमेरमे हुनक पहिल लघुकथा ‘आर्यावर्त’ हिन्दी दैनिकमे प्रकाशित भेल छल । १५ वर्षक उमेरमे ‘कचनार के पेंड’ कथा प्रकाशित भेल, जे काफी चर्चित भेल छल । ओहि वर्ष ‘मिथिला मिहीर’मे ‘मुईल बच्चा’ कथा सेहो प्रकाशित भेल छल ।

डा. विमलक ‘समयका आँखा’, ‘ई हमरे कथा थिक’, ‘इतिहासक घाओ’, ‘बौआक पोथी’ आ ‘सुरुज उगवासँ पहिने’ लगायतक पुस्तक प्रकाशित अइछ । हुनक ‘बन्धनबाट मुक्ति’ कथा कक्षा ९ क अनिवार्य नेपाली आ ‘लङ्का दहन’ कथा स्नातक तहक अनिवार्य नेपाली पाठ्यक्रममे राखल गेल अइछ ।

नेपाल विद्यापति भाषा–साहित्य पुरस्कार, गरिमा, जगदम्बाश्री सम्मान, राष्ट्रिय प्रतिभा आ सिद्धि श्रीलगायतक विभिन्न पुरस्कार आ सम्मान पाबि चुकल डा. विमल राराब क्याम्पस जनकपुरधामसँ प्राध्यापन सेवासँ अवकाश लेबाक बाद सेहो साहित्य साधनामे सक्रिय छलैन ।

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